जनजातीय सुरक्षा मंच ने प्रधानमंत्री मोदी से की मुलाकात, डी-लिस्टिंग और मतांतरण कानून की मांग पर चर्चा
Tribal Security Forum Meets PM Modi
जशपुरनगर। Tribal Security Forum Meets PM Modi, जनजातीय सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक गणेश राम भगत के नेतृत्व में आदिवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। पीएमओ ने अपने फेसबुक पोस्ट में इस मुलाकात को सार्थक बताया है।
वहीं, मुलाकात के दौरान भी प्रधानमंत्री जनजातीय सुरक्षा मंच की मांगों को लेकर सकारात्मक नजर आए। इससे डी-लिस्टिंग आंदोलन से जुड़े आदिवासी नेता उत्साहित हैं।
जनजातीय सुरक्षा मंच का लक्ष्य संसद के मानसून सत्र में इन दोनों मांगों को पूरा करने वाले विधेयक को प्रस्तुत कराने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाना है।
जनजातीय सुरक्षा मंच के रामप्रकाश पांडे ने बताया कि पीएम मोदी के सकारात्मक रवैये से जनजातीय सुरक्षा मंच सहित आदिवासी संगठनों के प्रमुख उत्साहित हैं।
उन्होंने बताया कि मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने आदिवासियों की समस्याओं, डी-लिस्टिंग और मतांतरण के मुद्दों को पूरी गंभीरता से सुना। इससे संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार आदिवासियों की इन दो प्रमुख मांगों को पूरा करने के लिए कदम अवश्य उठाएगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और पीएम मोदी को ज्ञापन सौंपने के बाद अब यह प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात कर उन्हें मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपेगा।
उल्लेखनीय है कि 24 मई को दिल्ली के लाल किला मैदान में आयोजित जनजातीय सांस्कृतिक समागम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।
अपने संबोधन में शाह ने इस समागम को आदिवासियों का कुंभ बताया था। मुलाकात के दौरान डी-लिस्टिंग और मतांतरण रोधी केंद्रीय कानून को लेकर उनके रुख को अहम माना जा रहा है।